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बीरबल की खिचड़ी – Akbar Birbal Famous Story

Written by Abhishri vithalani

बीरबल की खिचड़ी –  Akbar Birbal Famous Story

ये हम सभी जानते है की बीरबल अपनी कला और बुद्धिचतुर्य से दरबार में काफी मशहूर थे । इस कहानी मैं हम ये देखने वाले है की कैसे बीरबल की खिचड़ी पकाने की तकनीक से वो अकबर को अपनी बात मानने पर मजबूर करता है ।

सर्दीयो के दिन थे । बहुत ही ज्यादा ठण्ड थी । उस समय अकबर बादशाह और बीरबल अपने महल के बगीचे में घूमने निकले थे । अकबर ने बीरबल से कहा की इस ठण्ड में अगर हम किसी को मुँह मांगी धनराशि देंगे फिर भी कोई इस ठन्डे पानी के तालाब में पूरी रात खड़े नहीं रह पायेगा ।

बीरबल ने कहा की पैसो के लिए कोई भी ये काम करने के लिए तैयार हो जाएगा । अकबर ने कहा की अगर किसी ने ऐसा किया तो में उसे मुँह मांगा इनाम दुगा ।

अकबर ने बीरबल को ऐसा आदमी ढूढ़ने का काम दिया था । बीरबल ने शहर के एक गरीब आदमी को इस तालाब में पूरी रात खड़े रहने के लिए तैयार किया । इस आदमी को पैसे की जरूरत थी इस वजह से वो तैयार हो गया ।

वो आदमी उस तालाब के ठन्डे पानी में गया । पूरी रात वो ठन्डे पानी में खड़ा रहा । अकबर ने वो आदमी रात में इस तालाब से बहार ना आ पाए इस लिए पूरा इंतजाम किया था ।

दूसरे दिन सुबह बादशाह खुद अपने साथियो के साथ इस तालाब के पास आते है । उन्होंने देखा तो वो आदमी अभी भी इस तालाब के ठन्डे पानी में खड़ा था । वो आदमी बहार आया और उसने अकबर बादशाह के पैर छुए ।

बादशाह ने कहा की तुम इतनी ठण्ड में भी कैसे इस तालाब के ठन्डे पानी में पूरी रात खड़े रह पाए । वो आदमी बोला की ठण्ड तो मुझे भी बहुत लगती थी पर आपके महल की छत पर जलते हुए दिपक को देखकर मेने पूरी रात बितायी।

ये सुनकर बादशाह बोले की इसका मतलब यह हुआ की तुम उस दिपक की गर्मी मिलने के कारन ही पूरी रात इस तालाब में रह पाए । में तुम्हे अब कोई भी इनाम नहीं दूंगा । वो आदमी रोता हुआ बीरबल के पास गया और उसने बीरबल को पूरी बात बताई । उसने बीरबल को निवेदन भी किया की उसे न्याय दिलाये ।

दूसरे दिन बीरबल दरबार में नहीं गए । बादशाह ने बीरबल को बुलाने के लिए अपने सिपाही को भेजा । सिपाही ने आकर बादशाह को बोला की बीरबल साहब खिचड़ी पका रहे है । बीरबल की खिचड़ी पक जाने के बाद ही वे दरबार में आएंगे ।

काफी देर हो गयी फिर भी बीरबल दरबार में नहीं गए । उस वजह से अकबर खुद अपने सिपाही के साथ बीरबल के घर पहुंचे । वहा जाकर अकबर ने देखा की तीन लंबे बांसों के उपर एक हंडियां में चावंल डालकर उसे लटकाया गया था । नीचे जमीन पर आग जल रही है।

ये सब देखकर अकबर ने बीरबल को कहा की ये तुम क्या कर रहे हो ? तुम्हारा दिमाग ठिकाने पर नहीं है । इतनी दूर रखी हंडिया में खिचडी कैसे पक जाएगी ?

बीरबल ने कहा की जरूर पक जाएगी । अकबर ने कहा कैसे ? बीरबल ने कहा जैसे महल के उपर जल रहे दिपक की गर्मी के कारन वो आदमी पूरी रात तालाब के पानी में खड़ा रहा वैसे ।

सोचिये जैसे वो आदमी को इतनी दूर जल रहे दिपक की गर्मी मिली और वो पूरी रात उस ठन्डे पानी के तालाब में रह पाया तो फिर मेरी यह खिचडी क्यों नहीं पकेगी ? जहापनाह जरूर पकेगी ।

बीरबल की खिचड़ी पकने की तकनीक से अकबर को सब कुछ पता चल गया । अकबर ने बीरबल को बोला की उस आदमी को कल सुबह दरबार में भेजना में उसको मुँह मांगी धनराशि देने के लिए तैयार हु । सुबह होते ही वो आदमी बादशाह अकबर के पास गया और अपनी धनराशि प्राप्त की ।

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Abhishri vithalani

I am a Hindi Blogger. I like to write stories in Hindi. I hope you will learn something by reading my blog, and your attitude toward living will also change.

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